Wednesday, November 26, 2014

[Hindi Jokes] Shyaris (27.11.14)

 


CHAK DE

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हम आज भी शतरंज का खेल अकेले खेलते है...

क्यूंकि "दोस्तों" के खिलाफ चाल चलना हमे नहीं आता.!🌹🌹🌹

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छोटे थे तब सब नाम से बुलाते थे ,

बड़े हो गये तो बस काम से बुलाते हें 

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चंद रुपयों मैं बिकता हैं यहाँ "इंसान का ज़मीर"

कौन कहता हैं मेरे देश मैं महंगाई बहुत हैं...

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हर चिज "हद " में अच्छी लगती हैं 

पर तुम हो कि "बेहद " अच्छे लगते हौ

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'दिल' तो सीने में दफ़्न हुआ करता है,
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शायद इसलिये
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लोग 'चेहरे' पर फ़िदा हुआ करते हैं

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 सब्र एक ऐसी सवारी है

जो अपने सवार को कभी भी गिरने नहीं देती

न किसी के क़दमों में और

न किसी की नजरों सें
🌹HAVE A NICE DAY 🌹

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बहुत सी मिठाइयाँ चखी है मैंने 

पर ख़ुशी के आसुओं का स्वाद सबसे मीठा है

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आज मैनें......

फिर अहसास लिखे थे....

आज फिर उन्होनें.....

अल्फ़ाज़ ही समझे.....

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Posted by: Mahesh Popat <mahesh_popat@ymail.com>
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